शिक्षा और संस्कृति की दृष्टि से वाराणसी (वरुणा और असी का संगम स्थल) भारत का एक महत्त्वपूर्ण शहर है। मेरी जानकारी के अनुसार अफलातून जी बानारस के सक्रिय हिन्दी चिट्ठाकार हैं। बनारस और उसके आस पास रहने वाले चिट्ठाकारों और सभी पाठकों से निवेदन है कि वे ९ या १० अगस्त को यदि थोड़ा समय निकाल सकें तो एक चिट्ठाकार मिलन बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय या उसके आस पास आयोजित हो सकती है।
कृपया अपने चिचारों और सुझावों से अवगत करायें।
--राम चन्द्र मिश्र
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धन्यवाद।