Tuesday, 7 August 2007

प्रयाग नगरी इलाहाबाद मे चिट्ठाकार मिलन का आयोजन।

मुझे ये बताते हुये हर्ष हो रहा है कि उत्तर प्रदेश के महत्त्व पूर्ण शहरो मे से एक इलाहाबाद मे एक और हिन्दी ब्लागर मिलन अयोजित होने कि सम्भावना बन रही है। इलाहाबाद के प्रमुख चिट्ठाकारों  से आप परिचित ही होंगे, जिनमें से प्रमेन्द्र प्रताप सिंह (महाशक्ति) , ज्ञानदत्त पाण्डेय जी (मानसिक हलचल) और सन्तोष कुमार पाण्डेय जी (चुन्तन) ने हिन्दी ब्लॉग जगत मे अपनी धाक जमा रखी है। इसलिये इलाहाबाद और उसके आस पास रहने वाले चिट्ठाकारों और  सभी पाठकों  से निवेदन है कि अपने विचारों एवं सुझावों से अवगत करायें।

मिलन का आयोजन व्यक्तिगत, सामाजिक या सार्वजनिक तौर पर किया जा सकता है।

- राम चन्द्र मिश्र

 

मै,  RC Mishra नाम से ३ चिट्ठों पर कभी कभी लिखता हूँ और भारत (जयपुर, जुलाई-२००६), इटली (मई-२००६) तथा बेल्जियम (दिसम्बर-२००६) मे हिन्दी चिट्ठाकारों से मिल चुका हूँ, आने वाले समय (सितम्बर-२००७) मे जर्मनी के चिट्ठाकारों/पाठको से मिलने की इच्छा है।

इस मिलन के आयोजन मे सहयोग के लिये आगरा (श्री प्रतीक पाण्डेय जी) और कानपुर (श्री अनूप कुमार शुक्ल जी) के प्रतिष्ठित चिट्ठाकारों का अग्रिम आभार।

10 comments:

Anonymous said...

interesting...

mamta said...

तो आप इलाहाबाद पहुंच गए।

RC Mishra said...

@ Anonymous: Thanks n Regards for ur 'interesting...' comment.

ममता जी, हम तो २९ जुलाई से इलाहाबाद मे ही हैं।

Udan Tashtari said...

शुभकामनायें.ब्लॉगर मीट सफल हो!!

अनूप शुक्ल said...

आलसी ब्लागर। हम इत्ते दिन इलाहाबाद में रहते तो अब तक सबसे मिलकर रिपोर्ट छाप दिये होते। :) वैसे शुभकामनायें।

शैलेश भारतवासी said...

शुभकामनाएँ

Mired Mirage said...

पूरा विश्वास है कि आपका यह चिट्ठाकार मिलन ( मीट कुछ माँसाहारी सा लगता है ) सफल रहेगा और शीघ्र ही हम आपको एक सफल आयोजन के लिए बधाई दे रहे हो्गे ।
घुघूती बासूती

Beautiful said...
This comment has been removed by the author.
RC Mishra said...

समीर जी, शैलेश एवं घुघूती जी, शुभकामनाओं के लिये धन्यवाद, भाग १ सम्पन्न हो चुका है।

अनूप जी, भाग १ की रिपोर्ट ज़ल्द ही पेश की जायेगी इस बीच आगे की भी तैयारी चल रही है। धन्यवाद।

संतोष said...

हम क्या कहें। आप मेरे शहर में आकर चिट्ठाकार मिलन का आयोजन करें, बात कुछ हजम नही हुई। कृपया हाजमोला की व्यवस्था करें। अगले 24 घंटे में आपसे मिलता हूं। अन्य किसी बात की परवाह ना करें; मैं हूं ना।